बैठक में भवन निर्माण निगम, भवन प्रमंडल, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विभाग, एनआरईपी, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल एवं स्वच्छता तथा जिला परिषद की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी अधूरे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन संवेदकों ने कार्य आवंटित होने के बाद भी काम शुरू नहीं किया है, उन्हें डिबार करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान कई विभागों ने भूमि उपलब्धता की समस्या के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी। इस पर उपायुक्त ने सभी संबंधित अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक में विस्तृत प्रतिवेदन के साथ उपस्थित हों, ताकि संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय कर भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान कर योजनाओं को शीघ्र शुरू कराया जा सके।
बैठक में सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।
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