मनातू (पलामू)। पलामू जिले के मनातू–पदमा मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने खुलेआम हो रही कटाई पर नाराजगी जताते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहां से थाना और वन विभाग का कार्यालय महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद दिनदहाड़े पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलना विभागीय निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर पौधारोपण अभियान चलाती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने पेड़ों की सुरक्षा को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। मुख्य सड़क किनारे हो रही कटाई से पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। लोगों ने अवैध कटाई में शामिल लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इधर, क्षेत्र में बीड़ी पत्ता संग्रहण और उससे जुड़े मामलों को लेकर भी वन विभाग की कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीड़ी पत्ता से संबंधित गतिविधियों में अनियमितता और धांधली की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पलामू वन प्रमंडल के डीएफओ ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
डीएफओ के आश्वासन के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि अवैध कटाई के मामलों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
जनसंवाद न्यूज
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