जानकारी के अनुसार, बच्चे स्कूल परिसर में बैठकर मिड-डे मील कर रहे थे। इसी दौरान बरामदे का हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में आने से बच्चों के बीच अफरा-तफरी मच गई। स्कूल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रधानाचार्य दिलकेश्वीर यादव ने बताया कि स्कूल भवन वर्ष 2004 में बना था और लंबे समय से भवन का छज्जा जर्जर स्थिति में था। हादसे के बाद अभिभावकों में नाराजगी देखी गई और शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

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