परिजनों ने हत्या की जताई आशंका, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
हजारीबाग। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से एक युवक और दो युवतियों के शव बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। तीनों पिछले कुछ दिनों से लापता थे। शव मिलने के बाद परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों युवक-युवती करीब पांच दिन पहले जंगल की ओर गए थे, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटे। देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती दिनों में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया गया कि तीनों सुरक्षित हैं तथा अजमेर में हैं। इस जानकारी के कारण परिवार कुछ समय के लिए शांत रहा, लेकिन बाद में स्थिति पूरी तरह बदल गई।
मंगलवार को सूचना मिली कि तीनों के शव जंगल के अंदर एक जलाशय में पाए गए हैं। शवों की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि तीनों को मारकर पानी में फेंका गया है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने खुद को पत्रकार और सामाजिक संगठन से जुड़ा बताते हुए पैसे की मांग की थी और लगातार यह दावा कर रहा था कि युवक-युवती सुरक्षित हैं। इसके अलावा, पहले से धमकी मिलने की बात भी सामने आई है।
शव मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सदर अस्पताल पहुंच गए, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की होती, तो शायद तीनों की जान बचाई जा सकती थी। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
फिलहाल, यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है और पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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