पलामू : पुलिसिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पलामू रेंज में अब जवाबदेही तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। थानों का नियमित निरीक्षण नहीं करने वाले एसडीपीओ और सर्किल इंस्पेक्टरों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है। शुरुआती जांच में कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, पलामू रेंज के विभिन्न जिलों में तैनात अधिकारियों की कार्यशैली की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई एसडीपीओ और सीआई निर्धारित अवधि में थानों का निरीक्षण ही नहीं कर रहे हैं। इसके कारण केस अनुसंधान, स्टेशन डायरी की निगरानी और सामान्य पुलिस व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मामले को गंभीर मानते हुए पलामू रेंज कार्यालय ने पहले चरण में एक एसडीपीओ और छह सर्किल इंस्पेक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं अन्य अधिकारियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पुलिस नियमों के अनुसार प्रत्येक एसडीपीओ को साल में कम-से-कम एक बार अपने क्षेत्र के सभी थानों का निरीक्षण करना अनिवार्य है, जबकि सर्किल इंस्पेक्टरों को हर छह महीने में निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करनी होती है। निरीक्षण के दौरान केस डायरी, लंबित मामलों की स्थिति, अपराध नियंत्रण और थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाती है।
पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट कहा कि निरीक्षण पुलिसिंग का मूल हिस्सा है और इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस अनुमंडल अधिकारियों और सर्किल इंस्पेक्टरों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि पलामू रेंज में पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले शामिल हैं। पूरे रेंज में कुल 12 पुलिस अनुमंडल क्षेत्र हैं, जिनमें पलामू के मेदिनीनगर सदर, हुसैनाबाद, छतरपुर, बिश्रामपुर और लेस्लीगंज, लातेहार के लातेहार, बरवाडीह, महुआडांड़ और बालूमाथ तथा गढ़वा के गढ़वा, रंका और श्रीबंशीधर नगर अनुमंडल शामिल हैं।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
0 टिप्पणियाँ