बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन की ओर से बताया गया कि अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई और स्कूल व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि कुछ छोटे बच्चों की शरारतों से संबंधित मामूली शिकायतें जरूर सामने आई हैं, लेकिन उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को बेहतर संस्कार, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे भी आधुनिक शिक्षा और प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे बढ़ सकें।
अभिभावकों ने भी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया। एक अभिभावक ने कहा कि उनके बच्चे की पढ़ाई अच्छी हो रही है और वे विद्यालय के शिक्षकों एवं प्रबंधन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी अब विद्यालय और शिक्षकों के हाथ में है, जिस पर उन्हें पूरा भरोसा है।
एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उनका बच्चा एलकेजी में पढ़ता है और स्कूल में अच्छी शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वे अब तक विद्यालय के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगभग सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और जो कमियां शेष हैं, उन्हें भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यालय की प्रिंसिपल एवं सेक्रेटरी ममता उपाध्याय ने कहा कि कम संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में विद्यालय लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को और बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं स्कूल के डायरेक्टर आर्यन उपाध्याय ने कहा कि विद्यालय में नई-नई तकनीकों, एआई बेस्ड एजुकेशन और प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के होलिस्टिक डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, भाषा, लेखन, रीडिंग और अन्य कौशलों को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्यालय परिसर की व्यवस्था भी अभिभावकों को काफी आकर्षित कर रही है। स्कूल कैंपस साफ-सुथरा, सुसज्जित और व्यवस्थित है। लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम और रिसेप्शन को अलग-अलग सुव्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है। छोटे बच्चों और बड़े बच्चों के लिए अलग-अलग सेक्शन एवं भवन की व्यवस्था की गई है, जिससे पढ़ाई का माहौल बेहतर बना रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवाद और सहयोग के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
मौके पर स्कूल के फाउंडर जी.पी. उपाध्याय, शिक्षक अब्दुल हफीज, मुरारी लाल पांडेय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। वहीं अभिभावकों में संतु उरांव, सत्यदेव पांडेय, सावित्री देवी, हकीम अंसारी, कैसर, जुबैर अंसारी, सोनी देवी, शर्मिला कच्छप एवं नईम अंसारी समेत कई अभिभावक मौजूद रहे।
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