मेदिनीनगर : पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने गुरुवार को छतरपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बीडीओ कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वे मुनकेरी गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया में शामिल होने गए हैं।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। कई ग्रामीणों ने जमीन विवाद, बंटवारा और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें रखीं। इसी बीच करीब 70 वर्षीय एक बुजुर्ग लाठी के सहारे कार्यालय पहुंचे। चलने में परेशानी देख उपायुक्त स्वयं आगे बढ़े और उन्हें बैठने में मदद की। बाद में उन्होंने बुजुर्ग की आपसी बंटवारे से संबंधित शिकायत सुनकर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
दिव्यांग को तुरंत उपलब्ध कराई गई ट्राई साइकिल
कउल के दिनदाग गांव निवासी दिव्यांग उपेंद्र यादव ने डीसी से ट्राई साइकिल दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सीओ की अनुपस्थिति के कारण उन्हें आशंका थी कि फिर से बिना सहायता लौटना पड़ेगा। इस पर उपायुक्त ने आश्वासन देते हुए कहा कि उन्हें खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा। तत्पश्चात त्वरित प्रक्रिया पूरी कर मौके पर ही ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी गई। सहायता मिलने पर उपेंद्र यादव ने खुशी जताई।
लंबित योजनाओं पर पंचायत सचिवों को शोकॉज
निरीक्षण के बाद डीसी ने प्रखंड सभागार में अधिकारियों और कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया। अबुआ आवास योजना के तहत हुटुकदाग और मड़वा पंचायत में प्लिंथ जियोटैग लंबित पाए जाने पर संबंधित पंचायत सचिवों को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में खोरही, पिन्द्राही और बगैया पंचायत में लंबित कार्यों को लेकर भी संबंधित पंचायत सचिवों से जवाब मांगा गया। मनरेगा बीपीओ से भी कार्य में लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण तलब किया गया।
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