सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का किया ऐलान, युवाओं को जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस
रांची :- रांची में आयोजित एक गरिमामय और उत्साहपूर्ण समारोह के बीच झारखंड प्रदेश शौंडिक संघ को नया नेतृत्व मिल गया। समाज के वरिष्ठ सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश प्रसाद साहू ने संघ के नव नियुक्त अध्यक्ष के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में समाज के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, संरक्षक और बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने नए नेतृत्व का गर्मजोशी से स्वागत किया।
समारोह की शुरुआत महासचिव विद्याधर प्रसाद के स्वागत भाषण से हुई। इस दौरान संगठन की आगामी योजनाओं, सामाजिक गतिविधियों और विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की गई। लंबे समय बाद स्वास्थ्य कारणों से संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रहे कई वरिष्ठ सदस्य भी इस मौके पर सक्रिय रूप से शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बन गया।
पदभार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में दिनेश प्रसाद साहू ने समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन अब केवल पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर विकास और जागरूकता का नया मॉडल तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, सम्मान और अवसर पहुंचाना है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को संगठित करने पर जोर देते हुए कहा कि आज जरूरत है वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की। समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वास को खत्म करने के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे बड़ा माध्यम बनेगी। इसी दिशा में आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य संरक्षक उदय शंकर प्रसाद ने छात्रवृत्ति योजना और रोग निवारण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग देना संगठन की प्राथमिकता होगी।
नवगठित कार्यकारिणी की ओर से यह भी घोषणा की गई कि 28 अप्रैल 2026 को रांची में एक विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य परामर्श के साथ दवाइयों का वितरण भी किया जाएगा, ताकि समाज के जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
समारोह में वरिष्ठ संरक्षक अरुण देव साहू ने समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। वहीं उपस्थित वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता, सामाजिक भागीदारी और सामूहिक नेतृत्व को समय की जरूरत बताया। कार्यक्रम के दौरान कई सामाजिक और कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने पर भी चर्चा हुई।
### मजबूत निष्कर्ष
झारखंड प्रदेश शौंडिक संघ में नेतृत्व परिवर्तन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यदि संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के अपने संकल्प को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सफल होता है, तो यह आने वाले समय में समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक बदलाव साबित हो सकता है।
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