पलामू/गढ़वा। पलामू और गढ़वा जिले के दूरस्थ तथा अब तक मोबाइल नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारत सरकार की डिजिटल भारत पहल के तहत इन दोनों जिलों के 106 गांवों में 4जी मोबाइल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही नेटवर्क से वंचित अन्य इलाकों को जोड़ने के लिए वर्ष 2027 तक 14 नए मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। सांसद विष्णु दयाल राम ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के माध्यम से भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन गांवों तक आधुनिक संचार सुविधाएं पहुंचाना है, जहां निजी दूरसंचार कंपनियां व्यावसायिक कारणों से अब तक नेटवर्क विस्तार नहीं कर सकी थीं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 66 मोबाइल टावरों का सफलतापूर्वक संचालन शुरू किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 106 गांवों में 4जी मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे हजारों ग्रामीणों को पहली बार बेहतर मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण क्षेत्रों में 4जी नेटवर्क पहुंचने से ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल बैंकिंग, ई-गवर्नेंस सेवाओं और रोजगार से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। विशेष रूप से विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सांसद ने बताया कि जिन क्षेत्रों में अभी भी नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां 14 अतिरिक्त मोबाइल टावर स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए भूमि आवंटन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए बीएसएनएल तथा राज्य सरकार के संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
मार्च 2027 तक पूरा होगा लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार जैसे ही आवश्यक भूमि उपलब्ध हो जाएगी, टावर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निर्धारित योजना के तहत सभी प्रस्तावित टावरों को मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ते ग्रामीण क्षेत्र
पलामू और गढ़वा के सुदूर गांवों तक 4जी नेटवर्क का विस्तार केवल मोबाइल सेवा उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों को नई दिशा देने वाली पहल है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना डिजिटल खाई को कम करते हुए हजारों लोगों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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