मेदिनीनगर (पलामू): रामपुर प्रकरण के मुख्य आरोपित मंटू सिंह के साथ पुलिस हिरासत के दौरान कथित मारपीट एवं अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के एक शिष्टमंडल ने पलामू पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
महासभा के अनुसार, रिमांड के दौरान डीएसपी राजेश यादव द्वारा मंटू सिंह को कथित रूप से थर्ड डिग्री टॉर्चर देकर प्रताड़ित किया गया। संगठन का कहना है कि मंटू सिंह के परिवार और मीडिया के माध्यम से उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है।
महासभा ने आवेदन में उल्लेख किया है कि सोशल मीडिया पर सामने आई मंटू सिंह की तस्वीरों में शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं, जिससे पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है। आवेदन के अनुसार, मंटू सिंह ने अपने परिवार और मीडिया के समक्ष आरोप लगाया है कि रिमांड के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया, गंभीर रूप से पीटा गया तथा बाहर किसी को जानकारी देने पर फर्जी मामले में फंसाने और एनकाउंटर करने की धमकी दी गई।
इन आरोपों को गंभीर बताते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट ने पलामू पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, जांच समिति गठित करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन सौंपने वाले शिष्टमंडल में प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, जिला उपाध्यक्ष मिथलेश सिंह, जिला मंत्री अंकित सिंह, जिला सचिव उमाशंकर सिंह, जिला कार्यसमिति सदस्य अभिषेक सिंह तथा हैपी सिंह शामिल थे।
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