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उपायुक्त ने राजस्व संग्रहण की समीक्षा बैठक की,सभी विभागों को राजस्व संग्रहण में तेज़ी लाने के निर्देश

मेदिनीनगर (पलामू)
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह 
शेखावत ने सोमवार को राजस्व से जुड़े सभी विभागों द्वारा राजस्व वसूली की समीक्षा की गयी।इस दौरान विभिन्न विभागों को चालू वित्तिय वर्ष में प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध कितनी वसूली की गयी है से संबंधित विस्तृत जानकारी ली गयी।उन्होंने सभी पदाधिकारियों को लक्ष्य को हासिल करने दिशा में कई दिशा-निर्देश दिया।

 खनन क्षेत्र में राजस्व वसूली में तेजी लाये

उपायुक्त ने खनन विभाग की समीक्षा की।वित्तिय वर्ष 2025-26 के तहत 58433.31 लाख रुपये वार्षिक लक्ष्य प्राप्त है जिसके विरुद्ध अबतक 17000.53 लाख रुपये की वसूली की गयी है जो लक्ष्य का 29.09 प्रतिशत है।वहीं इस वर्ष का लक्ष्य निर्धारण नहीं हुआ है हालांकि मई माह तक 2955.61 लाख रुपए की वसूली कर ली गयी है।
परिवहन विभाग की भी हुई समीक्षा

इसी तरह परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पाया कि विभाग को वित्तिय वर्ष 2025-26 में 7608.30 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया था।जिसके विरुद्ध परिवहन विभाग द्वारा अबतक 8475.88 लाख रुपये की राजस्व वसूली कर ली गयी है।वर्तमान वित्तिय वर्ष में 8559.34 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया है जिसके विरुद्ध अबतक 1748.46 लाख रुपये की वसूली कर ली गयी है जो 20.42 प्रतिशत है।

 उत्पाद अधीक्षक को बॉर्डर एरिया क्षेत्र में लगातार छापामारी करने का दिया निर्देश

उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान उत्पाद अधीक्षक ने उपायुक्त को बताया कि उत्पाद विभाग को वित्तिय वर्ष 2026-27 में 20250.81 लाख रुपए वसूली का वार्षिक लक्ष्य प्राप्त है जिसके विरुद्ध अब तक 4037.56 लाख रुपये के राजस्व वसूली कर ली गयी है।उपायुक्त ने बॉर्डर इलाके में लगातार छापेमारी करने के निर्देश दिये।
इसी तरह वित्तिय वर्ष 2026-27 में मेदिनीनगर नगर निगम को 1604.49 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य है जिसके विरुद्ध अबतक 324.99 लाख रुपया की वसूली की गयी है जो प्राप्त लक्ष्य का 20.25 प्रतिशत है।बैठक में नगर निगम क्षेत्र के कुल होल्डिंग्स के आकलन की प्रगति की भी समीक्षा की गयी।उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से होल्डिंग्स के आकलन की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए मासिक लक्ष्य निर्धारित कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इसी तरह अवर निबंधन,राष्ट्रीय बचत विभाग,विद्युत आपूर्ति विभाग की भी समीक्षा की गयी।उन्होंने संबंधित विभाग के पदाधिकारी को शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में योजना बनाते हुए कार्य करने की बात कही।

 भू-लगान,निबंधन,दाखिल-खारिज़ की भी हुई समीक्षा

इसी क्रम में उपायुक्त ने सरकार के विभिन्न विभागों को भूमि हस्तांतरण हेतु लंबित भूमि की अंचलवार समीक्षा की।इसके अतिरिक्त लंबित भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय के तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के आवासीय क्वार्टर निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित कर अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।

बैठक मेंभू-लगान,निबंधन,दाखिल-खारिज,सक्सेशन म्यूटेशन,पार्टीशन म्यूटेशन और भूमि सीमांकन की भी समीक्षा की गयी।उन्होंने सभी सीओ को निर्धारित समय में म्यूटेशन के मामलों का निष्पादन करने पर बल दिया।भूमि सीमांकन से संबंधित मामलों में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जहां क्रेता एवं विक्रेता दोनों की आपसी सहमति हो, वहां पारस्परिक सहमति के आधार पर मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावे 2026-27 में प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य स्तरीय अधिसूचित आपदाओं से प्रभावितों को सहायता राशि स्वीकृति से संबंधित प्रतिवेदन,ई-रेवेन्यू कोर्ट का स्टेटस,लैंड डीमारकेशन,झारखंड लगान कलेक्शन की भी समीक्षा की गयी।बैठक में उपायुक्त के अलावा अपर समाहर्ता कुंदन कुमार,विभिन्न भूमि सुधार उप समाहर्ता,सभी अंचल अधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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