मेदिनीनगर/पांकी। झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ (स्तर-5 से स्तर-8) के बैनर तले राज्यभर के कर्मचारियों की कलमबद्ध हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए इसे कर्मचारी हितों की लड़ाई बताया। इसी क्रम में पांकी प्रखंड के कर्मचारियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
संघ का आरोप है कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) प्रबंधन वर्षों से कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों की अनदेखी कर रहा है। संगठन का कहना है कि वेतन पुनर्संरचना तथा NMMU मॉडल एचआर पॉलिसी-2024 को लागू करने का आश्वासन कई बार दिया गया, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय या आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि राज्य की ग्रामीण विकास एवं आजीविका योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में स्तर-5 से स्तर-8 के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उनके अधिकारों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
संघ ने कहा कि लंबे समय से ज्ञापन, वार्ता और शांतिपूर्ण आंदोलनों के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब कर्मचारी बिना ठोस कार्रवाई के किसी भी आश्वासन पर विश्वास करने को तैयार नहीं हैं।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघ ने घोषणा की है कि 27 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी JSLPS प्रबंधन की होगी।
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