पांकी (पलामू): पांकी प्रखंड मुख्यालय स्थित अहले सुन्नत जामा मस्जिद में रमजान माह के दौरान अदा की जा रही तरावीह की नमाज मुकम्मल हो गई। रमजान के चांद दिखाई देने के साथ ही मस्जिद में तरावीह की नमाज का सिलसिला शुरू हुआ था, जो पूरे रमजान में नियमित रूप से जारी रहा। तरावीह के दौरान हाफिज-ए-कुरान कारी नईम रज़ा ने मुकम्मल तौर पर कुरान शरीफ की तिलावत की, जिसे नमाजियों ने पूरी अकीदत और खामोशी के साथ सुना।
तरावीह की नमाज मुकम्मल होने के अवसर पर शुक्रवार को जामा मस्जिद परिसर में मिलादे पाक का आयोजन किया गया। इस मौके पर मस्जिद के खतीब व इमाम मौलाना शम्स हाश्मी ने तकरीर करते हुए रमजान महीने की फजीलत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना अल्लाह की तरफ से मुसलमानों के लिए बड़ी नेमत है। इस पाक महीने में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत और बरकत की बारिश करता है तथा नेकियों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है। उन्होंने लोगों से अल्लाह और उसके नबी हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बताए रास्ते पर चलने और नेकियों की ओर बढ़ने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान अन्य उलेमा-ए-कराम ने भी तकरीर के माध्यम से नसीहत दी और प्यारे नबी हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में नात शरीफ पेश की।
खत्मे तरावीह के अवसर पर हाफिज-ए-कुरान कारी नईम रज़ा तथा मस्जिद के खतीब व इमाम मौलाना शम्स हाश्मी को सम्मानित किया गया। नमाजियों की ओर से कारी नईम रज़ा को 1,51,000 रुपये बतौर नजराना प्रदान किया गया, जबकि इमाम मौलाना शम्स हाश्मी को 51,000 रुपये दिए गए। इसके अलावा मोअज्जिन अब्दुल रब को 28,000 रुपये और मस्जिद के खादिम शमशाद अंसारी को 8,000 रुपये बतौर नजराना दिया गया।
मौके पर मरकजी कमिटी अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन के सदर अबुल हसन, सेक्रेटरी अब्दुल हसन, सरपरस्त नेहाल अहमद, नायब सदर साजिद अंसारी, नायब सेक्रेटरी आफताब आलम, महबूब आलम, शमशाद अंसारी, फैसल अंसारी, गोल्डन आलम, शहजाद आलम समेत बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद थे।

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