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ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में आज पलामू की दवा दुकानें रही बंद

मेदिनीनगर: केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ऑर्गेनाइजेशन पलामू के तत्वावधान में बुधवार को जिलेभर की दवा दुकानें बंद रहीं। संगठन की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छहमुहान पर प्रदर्शन किया गया। बंदी का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा ने किया। दवा दुकानें बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग दवा खरीदने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने “ऑनलाइन फार्मेसी बंद करो” और “केमिस्ट एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए। प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी के माध्यम से कॉरपोरेट घरानों द्वारा भारी छूट देकर नकली और नशीली दवाओं का कारोबार बढ़ाया जा रहा है। इससे युवाओं में भटकाव की स्थिति पैदा हो रही है और छोटे दवा व्यवसायियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों पर एनआरएक्स जैसे नियमों के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है।

प्रदेश महासचिव रमेश कुमार शुक्ला ने कहा कि नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार के कारण छोटे और मध्यम दर्जे के दवा व्यवसायियों की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। इससे उनका व्यापार संकट के दौर से गुजर रहा है। वहीं जिला सचिव अमिताभ मिश्रा ने कहा कि यह एक दिवसीय बंद सरकार को चेतावनी देने के लिए किया गया है। यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो आगे चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस आंदोलन को बीपीएसआर संगठन ने भी समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष नितिन आलोक ने सरकार की दोहरी नीति का विरोध करते हुए कहा कि दवा व्यवसायियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

बंदी और प्रदर्शन में संजय अग्रवाल, सतीश तिवारी, पुरुषोत्तम अग्रवाल, विक्की अग्रवाल, रामाकांत तिवारी, सुनील गुप्ता, दिनेश बर्णवाल, प्रिंस सबरे, सुरेंद्र अग्रवाल, प्रदीप मिश्रा, राकेश अग्रवाल, जितेंद्र कुमार, संतोष गुप्ता, आशुतोष कुमार, नितेश सिन्हा, मुकेश कुमार, रमेश वर्णवाल, अवधेश, विपुल भूषण, मनोज सिन्हा समेत बड़ी संख्या में दवा व्यवसायियों ने भाग लिया। जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से भी लोगों ने समर्थन देकर संगठन के आंदोलन को मजबूती प्रदान की।

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