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बीडीओ को सौंपा ज्ञापन : पांकी पश्चिमी के पहाड़ी टोला में गहराया पेयजल संकट, बिजली बाधित रहने से बढ़ी परेशानी

भीषण गर्मी में पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण, नियमित बिजली आपूर्ति की उठी मांग**

**पांकी (पलामू)।**
पांकी प्रखंड अंतर्गत पांकी पश्चिमी पंचायत के पुरानी पांकी पहाड़ी टोला में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच ग्रामीण पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पीने के पानी से लेकर नहाने, खाना बनाने और बर्तन साफ करने तक के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मध्य जिला परिषद सदस्य खुशबू कुमारी एवं राजीव गांधी पंचायती राज जिला अध्यक्ष मुकेश सिंह चंदेल के नेतृत्व में पांकी प्रखंड कार्यालय पहुंचकर बीडीओ को ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को दूर-दूर तक पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। कई परिवारों को सिर पर पानी ढोकर घर लाना मजबूरी बन गया है।

ग्रामीणों के अनुसार जब कभी पानी की सप्लाई दी भी जाती है तो इतनी कम मात्रा में पानी आता है कि आधी बाल्टी तक नहीं भर पाती। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर संबंधित विभाग के कर्मचारी “लाइन नहीं है” या “बिजली नहीं है” कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार 15-15 दिनों तक पानी की सप्लाई बंद रहती है, जबकि कुछ मौकों पर एक महीने तक जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है।

भीषण गर्मी में पानी की कमी ने हालात को और भयावह बना दिया है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि पानी की समस्या अब केवल असुविधा नहीं बल्कि गंभीर जनसमस्या का रूप ले चुकी है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार केवल कागजों में जलापूर्ति दिखाने के लिए फोटो खींच ली जाती है, जबकि वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग रहती है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाएं तो चलाई जा रही हैं, लेकिन धरातल पर उसका लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

वार्ड सदस्य अजीज अंसारी ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण मोटर नहीं चल पाती, जिससे जलापूर्ति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि यदि नियमित रूप से बिजली उपलब्ध कराई जाए तो पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। वहीं मुखिया पति नेहाल अंसारी ने भी माना कि बिजली बाधित रहने के कारण जलमीनार और मोटर संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पेयजल संकट का मुख्य कारण बिजली की अनियमित आपूर्ति है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में नियमित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साथ ही प्रशासन से मानवीय आधार पर तत्काल पहल करने की अपील की है।

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