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प्रदेश में हमारी सरकार है, समस्याओं का समाधान करना हमारा कर्तव्य — पलामू में बिजली और पानी संकट पर कांग्रेस ने उठाई आवाज

मेदिनीनगर/पलामू:- पलामू जिले में लगातार गहराते बिजली और पेयजल संकट को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव सह पूर्व जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बिजली विभाग के महाप्रबंधक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने जिले में चरमराई बिजली व्यवस्था, सुदना सब-ग्रिड की ओवरलोडिंग तथा पांकी एवं सुदना जलापूर्ति योजना में आ रही समस्याओं को गंभीरता से उठाया।

इस दौरान बिट्टू पाठक ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच पलामू जिले में बिजली और पानी दोनों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। पिछले 15 से 16 दिनों से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महागठबंधन की सरकार है और जनता की समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि सुदना सब-ग्रिड वर्तमान में पूरी तरह ओवरलोडेड स्थिति में है। यहां पिछले वर्ष 50 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक इसे स्थापित नहीं किया जा सका। यदि समय पर यह कार्य पूरा हो जाता तो मेदिनीनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली संकट काफी हद तक कम हो सकता था।

उन्होंने यह भी कहा कि छतरपुर में वर्षों पहले बनकर तैयार 220/132 केवी सब-ग्रिड भी ट्रांसमिशन लाइन की समस्या के कारण अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि सुदना सब-ग्रिड में जल्द 50 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाया जाए तथा छतरपुर सब-ग्रिड को शीघ्र चालू कराया जाए।

बिट्टू पाठक ने कहा कि बिजली संकट का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। पांकी और सुदना जलापूर्ति योजना से जुड़े कई क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से नियमित पानी सप्लाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पीएचईडी विभाग बिजली की कमी को जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण बता रहा है, इसलिए दोनों विभागों के समन्वय से तत्काल समाधान जरूरी है।

इधर बिजली विभाग के महाप्रबंधक ने भी माना कि पिछले एक महीने में पड़ रही भीषण हीट वेव के कारण डाल्टनगंज और छतरपुर क्षेत्र में बिजली की मांग करीब 30 मेगावाट तक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रिड की क्षमता 2×50 एमवीए है, जिससे लगभग 75 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है, जबकि वास्तविक मांग 100 मेगावाट से अधिक पहुंच चुकी है।

महाप्रबंधक ने कहा कि ग्रिड विस्तार का कार्य चल रहा है और विभाग को उम्मीद है कि सितंबर तक कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद बिजली व्यवस्था काफी हद तक सामान्य हो जाएगी। फिलहाल बढ़े हुए लोड के कारण शेडिंग कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में 2 से 3 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 6 से 10 घंटे तक शेडिंग करनी पड़ रही है।

उन्होंने बताया कि तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ती है। लगातार एसी और अन्य उपकरणों के उपयोग के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। लोगों से जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग करने की अपील भी की गई।

महाप्रबंधक ने कहा कि पांकी एवं सुदना जलापूर्ति योजना से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने विभागीय तकनीकी टीम और एसक्यूटी को तुरंत मौके पर जाकर जांच करने तथा पीएचईडी विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया है। यदि बिजली विभाग की कोई तकनीकी समस्या होगी तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जले हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदलने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए अतिरिक्त वाहन लगाए गए हैं तथा लातेहार टीआरडब्ल्यू शुरू होने से ट्रांसफार्मर मरम्मत कार्य में भी तेजी आई है। जल्द ही छतरपुर में भी नया टीआरडब्ल्यू शुरू होने वाला है।

बिट्टू पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है और यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही डीडीसी एवं नगर आयुक्त से भी मुलाकात कर पानी संकट के स्थायी समाधान की मांग की जाएगी।

मौके पर शमीम अहमद, रायन, ईश्वरी प्रसाद सिंह, सुधीर चौबे, गिरजा राम, नफीस खान, खुर्शीद आलम, एसटी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, मजदूर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनिल सिंह, तुलसी पासवान, शैलेश कुमार एवं सज्जाद अली उपस्थित थे।

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