सीट से अधिक नामांकन के कारण संकट में पड़े विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत, वैकल्पिक व्यवस्था से खुले पंजीकरण के रास्ते
पांकी प्रखंड के मजदूर किसान इंटरमीडिएट महाविद्यालय, डंडारकला के 408 छात्र-छात्राओं के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। सीटों की निर्धारित संख्या से अधिक नामांकन होने के कारण ये विद्यार्थी पंजीकरण और परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए थे, जिससे उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। अब प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद के लगातार प्रयासों और अधिकारियों के सहयोग से इस गंभीर समस्या का समाधान निकल आया है।
कैसे पैदा हुआ था संकट?
शैक्षणिक सत्र 2025-27 में महाविद्यालय द्वारा निर्धारित सीटों से अधिक नामांकन लिए जाने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का नाम झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) के पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका। परिणामस्वरूप विज्ञान संकाय के 293 और कला संकाय के 115 छात्र-छात्राएं, कुल 408 विद्यार्थी, पंजीकरण एवं परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया से बाहर हो गए।
स्थिति ऐसी बन गई थी कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकलता, तो इन विद्यार्थियों का पूरा वर्ष बर्बाद हो सकता था। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल था।
प्रमुख पंचम प्रसाद ने संभाली पहल
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद ने इसे प्रमुखता से उठाया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित संस्थानों से लगातार संपर्क बनाए रखा। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए।
इसी क्रम में जिला परिषद सदस्य खुशबू कुमारी, उपप्रमुख अमित चौहान, रन्नेभरी विद्यालय के प्राचार्य रंजीत किशोर, कॉलेज के प्राचार्य अवध बिहारी सिंह एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। साथ ही प्रमुख पंचम प्रसाद लगातार जैक बोर्ड के अध्यक्ष और विभागीय अधिकारियों से संवाद करते रहे।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निकाला समाधान
प्रयासों का सकारात्मक परिणाम तब सामने आया जब पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची के सचिव को आधिकारिक पत्र भेजकर वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव दिया।
अभिभावकों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों की सहमति से तय किया गया कि विज्ञान संकाय के सभी 293 विद्यार्थियों का पंजीकरण एवं परीक्षा फॉर्म राजकीयकृत स्तरोन्नत +2 उच्च विद्यालय, रन्नेभरी (पांकी) के माध्यम से भरा जाएगा।
वहीं कला संकाय के 115 विद्यार्थियों का पंजीकरण एवं परीक्षा फॉर्म अवधेश कुमार सिंह इंटर महाविद्यालय, कुंदरी (लेस्लीगंज) से कराया जाएगा।
इसके लिए जैक सचिव से संबंधित विद्यालयों का कोटा अनफ्रीज करने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि पंजीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी का अवसर मिल सके।
छात्रों और अभिभावकों में खुशी
समस्या के समाधान की खबर मिलते ही प्रभावित छात्रों और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पहल नहीं होती, तो ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक जाता।
प्रमुख पंचम प्रसाद ने भी इस समाधान के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा रन्नेभरी और कुंदरी महाविद्यालय के प्राचार्यों का आभार जताया और उनके सहयोग की सराहना की।
निष्कर्ष
यह मामला केवल 408 विद्यार्थियों के पंजीकरण का नहीं था, बल्कि उनके सपनों, मेहनत और भविष्य से जुड़ा हुआ था। समय पर की गई पहल और समन्वित प्रयासों ने एक बड़े शैक्षणिक संकट को टाल दिया। अब उम्मीद है कि जल्द ही सभी विद्यार्थियों के फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी होगी और वे बिना किसी बाधा के अपनी आगामी परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।
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