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बेतला के जंगलों में युवाओं के लिए अनोखा अनुभव, पलामू टाइगर रिजर्व शुरू करेगा ‘अन्वेषण’ कैंप

वन्यजीव संरक्षण, आदिवासी संस्कृति और ग्रामीण जीवन को करीब से जानने का मिलेगा अवसर

पलामू:- प्रकृति और जंगलों के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता विकसित करने की दिशा में पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) ने एक नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में बेतला नेशनल पार्क में विशेष जंगल कैंप ‘अन्वेषण’ का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण और आदिवासी जीवनशैली से सीधे जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

कैंप का पहला बैच 22 और 23 जून को आयोजित होगा, जिसमें 16 वर्ष से अधिक आयु के युवा भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें शहर और गांव दोनों क्षेत्रों के युवाओं को एक साथ शामिल किया जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे की संस्कृति, जीवनशैली और अनुभवों को समझ सकें।

ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले प्रतिभागियों के लिए कैंप पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जबकि शहरी प्रतिभागियों के लिए निर्धारित शुल्क रखा गया है। साथ ही, शहरों से आने वाले युवा ग्रामीण बच्चों की भागीदारी को प्रायोजित भी कर सकेंगे, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को इस पहल से जुड़ने का मौका मिलेगा।

जंगल की दुनिया को नजदीक से समझने का अवसर

दो दिनों तक चलने वाले इस कैंप में प्रत्येक बैच में लगभग 25 से 30 प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा। उन्हें जंगल सफारी के साथ-साथ वन्यजीवों की निगरानी, पशु-पक्षियों के पदचिह्नों की पहचान, कैमरा ट्रैप तकनीक और जंगल में संचार व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों और टाइगर सेल की टीम के मार्गदर्शन में प्रतिभागी वन संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं को समझ सकेंगे।

आदिवासी संस्कृति और आत्मनिर्भर ग्रामीण जीवन से परिचय

कैंप केवल जंगल तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतिभागियों को आसपास के गांवों का भ्रमण भी कराया जाएगा, जहां वे आदिवासी समाज की परंपराओं, खान-पान, रहन-सहन और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जान सकेंगे।

इसके अलावा साल के पत्तों से पत्तल निर्माण, बांस आधारित हस्तशिल्प, शहद उत्पादन, कंपोस्ट तैयार करना, साबुन निर्माण और महुआ से बने उत्पादों की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इससे युवाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता के विभिन्न मॉडल समझने का अवसर मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण की सोच को मिलेगा नया आयाम

पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने बताया कि युवाओं और बच्चों को प्रकृति तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि टाइगर आकलन (Tiger Estimation) के दौरान स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से मिले उत्साहजनक अनुभव ने इस पहल को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रकृति से जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

पलामू टाइगर रिजर्व द्वारा पहली बार आयोजित किया जा रहा ‘अन्वेषण’ कैंप रोमांच, शिक्षा और सामाजिक समझ का अनूठा संगम साबित हो सकता है। यह केवल एक जंगल भ्रमण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को प्रकृति, वन्यजीवों और ग्रामीण समाज के साथ गहराई से जोड़ने का प्रयास है। आने वाले समय में ऐसी पहलें पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देंगी।

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