नावाडीह-1 और नावाडीह-2 आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, गुणवत्ता और स्वच्छता पर दिए आवश्यक निर्देश
मेदिनीनगर, पलामू। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शनिवार को रामगढ़ प्रखंड के नावाडीह-1 एवं नावाडीह-2 आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित योजनाओं और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के पोषण, शिक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का बारीकी से आकलन किया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पोषण ट्रैकर की अद्यतन स्थिति, स्टॉक रजिस्टर, बच्चों की उपस्थिति और लाभार्थियों से संबंधित अभिलेखों की जांच की। उन्होंने संबंधित कर्मियों को सभी रिकॉर्ड समय पर अद्यतन रखने और त्रुटिरहित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान बच्चों के नाश्ते का समय होने पर उपायुक्त ने बच्चों के बीच बैठकर उन्हें अपने हाथों से सूजी का हलवा परोसा। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पोषण मानकों और स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच की। इस अवसर पर बच्चों को फल और टॉफियां वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
बच्चों की पढ़ाई पर विशेष जोर
उपायुक्त ने बच्चों की शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने के लिए उनसे गिनती, सामान्य ज्ञान और सरल गणित से जुड़े सवाल पूछे। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि बच्चों के बुनियादी शिक्षण स्तर में और सुधार की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं और महिला पर्यवेक्षिका को निर्देश दिया कि बच्चों को केवल रटाने के बजाय समझ आधारित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए।
स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था की जांच
डीसी ने केंद्रों में पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का भी विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, जल स्रोतों की स्वच्छता, शौचालयों की स्थिति और बच्चों के अनुकूल सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही केंद्र परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्यकर वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
निर्माणाधीन चेक डैम की गुणवत्ता की होगी जांच
क्षेत्र भ्रमण के दौरान स्थानीय मुखिया ने निर्माणाधीन चेक डैम में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र में स्थापित सोलर जल मीनार का भी निरीक्षण किया और उसकी कार्यशीलता तथा जलापूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, आंगनबाड़ी सेविका लिली रोशनी दांग, मॉयलोन टोपनो, सहायिका अनास्तासिया हेंब्रम, फुलमनी तीरु सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रशासन की पहल
रामगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में उपायुक्त का यह निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का भी संदेश देता है। यदि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से होते रहें और दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए, तो ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य और अधिक मजबूत हो सकेगा।
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