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नशे के कारोबार पर सख्ती के निर्देश, जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति की बैठक संपन्न

मेदिनीनगर। पलामू जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और नशे के दुष्प्रभावों पर अंकुश लगाने को लेकर मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और नशा उन्मूलन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए पांकी, मनातू, पीपरा टांड़, छतरपुर और नौडीहा बाजार थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार कार्रवाई आवश्यक है।
उपायुक्त ने जिले से बाहर जाने वाले प्रमुख मार्गों तथा रेलवे मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री या तस्करी में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में शिक्षा विभाग से विद्यालयों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री की स्थिति की जानकारी ली गई। इस दौरान एक विद्यालय के समीप लाइसेंसधारी शराब दुकान संचालित होने की जानकारी सामने आई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित दुकान के बाहर जागरूकता संबंधी पोस्टर लगाने का निर्देश दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख हो कि 18 वर्ष से कम आयु के युवाओं एवं स्कूली बच्चों को शराब नहीं बेची जाएगी।

उन्होंने जिले में प्रस्तावित डी-एडिक्शन सेंटर को शीघ्र शुरू करने पर भी जोर दिया और इसके लिए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी तथा सिविल सर्जन को आपसी समन्वय के साथ लंबित बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया।
अफीम और गांजा के खिलाफ तेज हो अभियान : एसपी

बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अफीम एवं गांजा की अवैध खेती, तस्करी और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए।

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी, शिक्षा एवं कृषि विभाग के प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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