मेदिनीनगर : पलामू समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, सेविका-सहायिका चयन प्रक्रिया, पोषण ट्रैकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, SAAMAR कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका का चयन पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पक्षपात या अनुचित हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को सरकार की सभी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त ने किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों में सह-स्थापित करने का निर्देश दिया। जहां यह संभव नहीं है, वहां सरकारी भूमि चिन्हित कर स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने को कहा गया।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने महिला पर्यवेक्षिकाओं को पोषण ट्रैकर के सभी मानकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को पोषण संबंधी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाए तथा गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यकता अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एमटीसी) भेजा जाए।
साथ ही सभी पात्र SAM एवं MAM बच्चों का SAAMAR ऐप पर शत-प्रतिशत पंजीकरण, नियमित स्वास्थ्य निगरानी, समय पर फॉलो-अप और डेटा अपडेट करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान वन स्टॉप सेंटर, उच्च न्यायालय से जुड़े लंबित मामलों तथा विभागीय निरीक्षणों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि समाज कल्याण विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए कुपोषण मुक्त पलामू के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गंभीरता से कार्य करें।
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