रांची, 29 जुलाई। झारखंड पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन दोरा पहाड़’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं 2 करोड़ 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनील को धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ संगठन के शीर्ष कमांडर मेहनत उर्फ मोधु उर्फ विभीषण (आरसीएम), गौरव उर्फ विरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ (एसीएम) तथा दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई झारखंड पुलिस, धनबाद जिला पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये तथा ओडिशा सरकार की ओर से 1 करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 175 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार माओवादियों के कब्जे से तीन एके-47 राइफल, आठ मैगजीन और 288 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
आत्मसमर्पण नीति का दिख रहा असर
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का असर लगातार देखने को मिल रहा है। 21 मई 2026 से अब तक कई शीर्ष माओवादी कमांडर एवं दस्ता सदस्य हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इससे माओवादी संगठन की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है।
झारखंड पुलिस ने दावा किया है कि शीर्ष नेतृत्व की लगातार गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के कारण राज्य में भाकपा (माओवादी) संगठन लगभग कमजोर हो चुका है। पुलिस ने शेष सक्रिय माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने तथा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।
— संवाददाता
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