मेदिनीनगर। पलामू के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित फाइलों, भूमि उपलब्धता से जुड़े मामलों तथा विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में मुख्यालय स्तर पर समन्वय या हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी तो जिला प्रशासन स्वयं पहल करेगा, लेकिन विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान न्यायालय कर्मियों के आवास निर्माण, साइबर थाना की स्थापना, पांकी क्षेत्र में पावर ग्रिड निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सभी लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के अभाव में लंबित मामलों पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी परियोजना में यदि दूसरे विभाग के कारण बाधा आ रही हो तो आपसी संवाद स्थापित कर तत्काल समाधान निकालें। कई मामलों में बैठक के दौरान ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, समयबद्ध कार्य संस्कृति और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से ही विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
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