समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS), धान अधिप्राप्ति, कस्टम मिल्ड राइस (CMR) जमा, चना-दाल वितरण तथा सोना-सोबरन धोती-साड़ी-लूंगी योजना की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में खाद्यान्न वितरण कार्य में तेजी लाने और प्रत्येक पात्र लाभुक तक समय पर राशन पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया।
सोना-सोबरन धोती-साड़ी-लूंगी योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने शेष बचे सभी पात्र लाभुकों के बीच शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यकता होने पर जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों एवं पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर वितरण कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा।
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर वर्तमान में जन सेवक गोदाम का प्रभार संभाल रहे हैं, वहां संबंधित मार्केटिंग ऑफिसर (एमओ) को सहायक गोदाम प्रबंधक (एजीएम) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए, ताकि गोदाम संचालन और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सके।
चना-दाल वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर वितरण सुनिश्चित करने और वितरण से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
धान अधिप्राप्ति और सीएमआर जमा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने, राइस मिलों से समय पर सीएमआर प्राप्त करने तथा विभागीय योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों के मार्केटिंग ऑफिसर एवं सहायक गोदाम प्रबंधक मौजूद रहे।
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