रांची।
रांची विश्वविद्यालय के पूर्व प्रतिकुलपति, वरिष्ठ पत्रकार एवं बहुआयामी व्यक्तित्व डॉ. वी.पी. शरण के निधन पर समाज के विभिन्न वर्गों में शोक की लहर है। उनके निधन पर हृदयानंद मिश्र, एडवोकेट एवं सदस्य, हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक युगद्रष्टा व्यक्तित्व बताया।
हृदयानंद मिश्र ने कहा कि डॉ. वी.पी. शरण का योगदान पत्रकारिता, साहित्य, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अविस्मरणीय रहा है। उनके असामयिक निधन से समाज ने एक सजग चिंतक और मार्गदर्शक को खो दिया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में शिबू सोरेन के मुख्यमंत्री काल में महागठबंधन सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने के दौरान उन्हें डॉ. शरण के साथ कार्य करने का अवसर मिला था, जिसे वे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव मानते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. शरण के साथ बिताए गए सामाजिक और राजनीतिक जीवन के अनेक क्षण आज भी स्मृतियों में जीवंत हैं, जो सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
हृदयानंद मिश्र ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की ।

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