गिट्टी, धूल और लापरवाही के बीच रोजाना सफर करने को मजबूर हैं दर्जनों गांवों के लोग
पलामू जिले के पांकी क्षेत्र में आसेहार-राजपुर मुख्य सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। वर्षों के इंतजार के बाद जिस सड़क निर्माण कार्य को लेकर लोगों में उम्मीद जगी थी, वही अब अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण परेशानी और नाराजगी की वजह बन गया है। सड़क पर गिट्टी और डस्ट डालने के बाद से ठेकेदार करीब एक साल से गायब बताए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण अब भी पक्की सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ समय तक काम चला, लेकिन उसके बाद काम पूरी तरह ठप हो गया। आज स्थिति यह है कि सड़क पर बिखरी गिट्टियों और उड़ती धूल के बीच लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पांकी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों की सड़कें बदहाल हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों का ध्यान केवल घोषणाओं और सोशल मीडिया प्रचार तक सीमित होकर रह गया है।
गर्मी के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। तेज हवा चलते ही सड़क की धूल आसपास के घरों तक पहुंच जाती है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सड़क पर फैली गिट्टी के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के टायरों से गिट्टी उछलने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी झारखंड के जोनल प्रभारी कौशल किशोर बचन ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क निर्माण में देरी हो रही है तो कम से कम नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाना चाहिए और सड़क पर पड़ी गिट्टियों को हटाया जाना जरूरी है। उनका आरोप है कि ठेकेदारों की लापरवाही का सीधा असर ग्रामीणों की जिंदगी पर पड़ रहा है और लोग लंबे समय से परेशान और हताश हैं
आसेहार-राजपुर सड़क सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की कठिनाइयों की कहानी बन चुकी है। जिन लोगों ने बेहतर सड़क और सुरक्षित सफर का सपना देखा था, वे आज धूल, गिट्टी और प्रशासनिक उदासीनता के बीच संघर्ष कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को अधूरी सड़क और अधूरे वादों के सहारे जीना पड़ेगा।
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