मेदिनीनगर (पलामू) : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं विद्यालयों की व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में छात्रवृत्ति, पोशाक वितरण, पाठ्य पुस्तक, मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिये गये।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए कई प्रखंडों में कम अटेंडेंस पर चिंता जतायी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि स्थायी पलायन, बाल श्रम एवं शिक्षा के प्रति अभिभावकों की घटती रुचि कम नामांकन और उपस्थिति के प्रमुख कारण हो सकते हैं।
डीसी ने ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संपर्क कर दोबारा नामांकन के लिए प्रेरित करें।
बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की गयी। उपायुक्त ने रोस्टर के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में किचन गार्डन, लाइब्रेरी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गयी।
इस दौरान जैक बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की अलग से समीक्षा करने की बात कही गयी। उपायुक्त ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों, सीआरपी एवं बीआरपी को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा जियोटैग फोटो जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में समग्र शिक्षा अभियान, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, डिजिटल शिक्षा, साइकिल वितरण, स्कूल किट, आईसीटी प्रोग्राम एवं स्मार्ट क्लास योजनाओं की भी समीक्षा की गयी। मौके पर शिक्षा विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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