पाटन:- सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत मशहूर संस्था वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम सोमवार को पाटन हाईस्कूल पहुंची, जहां हजारों छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं से बचाव, ट्रैफिक नियमों के पालन और सुरक्षित वाहन संचालन को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। स्कूल आते-जाते समय सावधानी बरतें, सड़क पार करते समय दोनों तरफ देखकर चलें तथा बिना लाइसेंस वाहन न चलाएं। उन्होंने हेल्मेट के नियमित प्रयोग पर भी जोर दिया।
रानू सिन्हा ने छात्रों को मोबाइल का उपयोग करते हुए सड़क पर चलने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रील बनाने के चक्कर में सुरक्षा नियमों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। वहीं लक्ष्य श्रेष्ठ ने दोपहिया वाहन चलाते समय जूता, ग्लव्स और राइडिंग गियर्स के इस्तेमाल की आवश्यकता बताई।
डॉ. अमितू सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में दांत और चेहरे को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है, इसलिए फेस कवर वाले हेल्मेट का प्रयोग जरूरी है। मंजू चंद्रा ने छात्राओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता को भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें तथा ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और फुटपाथ के नियमों का पालन करें।
इस अवसर पर पाटन जिला परिषद सदस्य जयशंकर सिंह उर्फ संग्राम सिंह ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर लोग अपने अनमोल जीवन को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा काम करें कि लोग आपका रील बनाएं।
विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार ने कहा कि स्कूल में छात्रों को लगातार सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाता है, लेकिन वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट का यह अभियान पलामू के लिए वास्तव में “वरदान” साबित हो रहा है और इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
पाटन थाना के सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है। नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन भी जब्त किया जा सकता है। इसलिए सभी लोग सावधान रहें और सुरक्षित रहें।
कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यालय के भूतपूर्व छात्र कृष्णा सिंह ने किया।
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