मेदिनीनगर:- भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट को लेकर पलामू प्रमंडलीय आयुक्त श्रीमती कुमुद सहाय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को पियाऊ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए। बैठक में पलामू उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयुक्त ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए टैक्स कलेक्टरों को घर-घर जाकर वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था की जांच करने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन भविष्य के जल संकट से बचने का प्रभावी उपाय है और बारिश के पानी का अधिक से अधिक संरक्षण किया जाना चाहिए।
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए आयुक्त ने लोगों से आम पन्ना, सत्तू पानी और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की अपील की। साथ ही घर से बाहर निकलते समय गमछा या तौलिया से शरीर को ढककर निकलने की सलाह दी, ताकि लू और ताप की लहर से बचाव हो सके।
बैठक में प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर तत्काल प्रभाव से घड़ा एवं पियाऊ जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने और जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकरों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत जल सहियाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें जल संरक्षण एवं सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए सक्रिय किया जाए, ताकि पेयजल का दुरुपयोग रोका जा सके।
उपायुक्त श्री दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने भी सभी विभागों को समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खराब जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाए और जल संकट वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
आयुक्त और उपायुक्त ने आम लोगों से अपील की कि पेयजल का अनावश्यक दुरुपयोग और बर्बादी न करें तथा जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें, ताकि सभी लोगों तक पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सके।
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