BWSC की समीक्षा बैठक में महिलाओं ने रेड डॉट लगाकर दिया जागरूकता का संदेश, चयनित गांवों में स्वच्छता परियोजनाओं की हुई समीक्षा
पांकी से पंकज प्रसून
पांकी प्रखंड सभागार गुरुवार को स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनजागरूकता के संदेश का केंद्र बना रहा। प्रखंड जल एवं स्वच्छता समिति (BWSC) की आयोजित समीक्षा बैठक में महिलाओं के स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, जलसहियाओं, सहियाओं और ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
बैठक का मुख्य आकर्षण महिलाओं द्वारा अपनी हथेलियों पर रेड डॉट लगाकर दिया गया जागरूकता संदेश रहा। इस प्रतीकात्मक पहल के माध्यम से महिलाओं ने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि माहवारी कोई छिपाने या शर्म का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण पहलू है, जिस पर खुलकर संवाद होना चाहिए।
बैठक के दौरान "चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो" अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा यूनिसेफ के सहयोग से वर्ष 2019 से संचालित यह अभियान महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने का कार्य कर रहा है। अभियान का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना, सुरक्षित स्वच्छता व्यवहार को बढ़ावा देना तथा महिलाओं को सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम पदाधिकारी बिनोद राम ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि "पीरियड फ्रेंडली झारखंड" की परिकल्पना तभी साकार होगी, जब समाज का हर वर्ग इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, जलसहियाओं और ग्रामीण समुदाय से अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक में ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। DA JAGUA, PM JANMAN और सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए चल रहे कार्यों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और 15वें वित्त आयोग की सहायता से सोखता गड्ढा, नाडेप तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान संबंधित पंचायतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल ढांचागत निर्माण नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करना है, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
बैठक में आसेहार पंचायत के कुसड़ी, हुरलोंग के महुगाई, करार के पुरुषोत्तमपुर, मांडन के सुरजौन, ताल पंचायत के खजुरी एवं आबून सहित अन्य चयनित गांवों में चल रहे कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। वहीं सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत डंडार कला पंचायत के कई गांवों में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन संरचनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर उप प्रमुख अमित चौहान ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं तथा जनभागीदारी के बिना किसी भी अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने माहवारी स्वच्छता, महिला सम्मान, स्वच्छता जागरूकता और ठोस-तरल कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक शपथ ली। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने और स्वच्छ, स्वस्थ तथा जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
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