मेदिनीनगर, 09 जून। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में पीसी एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जानकारी लेते हुए अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की लगातार जांच करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि बिना पंजीकरण के कोई भी अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित पाया जाता है तो संबंधित अल्ट्रासाउंड मशीन को सील करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट एवं पीसीपीएनडीटी नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित होने के बाद ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन किया जाना चाहिए।
बैठक में उपायुक्त ने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर “लिंग भ्रूण जांच अपराध है” संबंधी जागरूकता पोस्टर लगाने का निर्देश दिया। साथ ही केंद्रों पर चिकित्सक का नाम एवं मरीजों को देखने का समय स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने पर जोर दिया।
कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उपायुक्त ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण या कन्या भ्रूण हत्या जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुलोचना मीणा, सिविल सर्जन डॉ. अनिल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम, जिला सलाहकार समिति की सदस्य इंदुलेखा भगत, नीलम होरो सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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