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जन समाधान दिवस में संवेदनशील पहल, विधवा महिला को मिली तत्काल आर्थिक सहायता

मेदिनीनगर। समाहरणालय सभागार में बुधवार को आयोजित जन समाधान दिवस में एक अत्यंत मार्मिक मामला सामने आया। पति की असमय मृत्यु के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही एक महिला ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि संसाधनों के अभाव में वह अपने डेढ़ वर्षीय बच्चे को अनाथ आश्रम भेजने के लिए विवश हो रही है।

महिला की पीड़ा सुनकर उपायुक्त ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल सहायता का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को महिला को विधवा पेंशन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये तथा बच्चे के भरण-पोषण के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने महिला को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन उसके साथ है और बच्चे को अनाथ आश्रम भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने महिला को स्वावलंबी बनने के लिए कोई छोटा रोजगार या कार्य शुरू करने की भी सलाह दी, जिससे वह अपनी आय बढ़ाकर बच्चे का बेहतर पालन-पोषण कर सके।

जन समाधान दिवस में इस मामले के अलावा भूमि विवाद, सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध होने, पीएम आवास योजना, दाखिल-खारिज, राजस्व, स्वास्थ्य, आपूर्ति, पेयजल, शिक्षा तथा कल्याण विभाग से संबंधित अनेक आवेदन भी प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

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