पाटन (पलामू)। पाटन प्रखंड के कई गांवों में बिजली पोल और केबल बिछाने के कार्य को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के तहत चल रहे कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एनसीसी और सुजी कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों में कई जगहों पर बिजली के पोल पर्याप्त गहराई तक नहीं गाड़े गए हैं। वहीं, कई स्थानों पर पोल लगाने से पहले केबल बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। लोगों का आरोप है कि संबंधित एजेंसियां कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही हैं।
जांच के दौरान सामने आईं कई खामियां
ग्रामीणों की शिकायत पर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई जगहों पर कार्य में लापरवाही के संकेत मिले। बताया गया कि नियमों के अनुसार पोल स्थापित करने के लिए पहले गड्ढे की उचित खुदाई और कंक्रीट बेस तैयार किया जाना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर यह प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुराने पोल और तारों को हटाए बिना नए केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इससे न केवल तकनीकी दिक्कतें बढ़ सकती हैं, बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की
जिला परिषद सदस्य संग्राम सिंह ने कहा कि कार्य में बरती जा रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि कार्यों में लापरवाही बरती जाएगी तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
विभाग ने दिया जांच का भरोसा
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। यदि कहीं भी मानकों के विपरीत कार्य पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार पूरे कराए जाएंगे।
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