मेदिनीनगर। पलामू जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सड़क हादसों में हो रही वृद्धि पर चिंता जताते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। समीक्षा में बताया गया कि मई 2026 के दौरान जिले में 35 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 29 लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
पांच वर्षों में एक हजार से अधिक लोगों की गई जान
समीक्षा बैठक में पिछले पांच वर्षों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों का भी विश्लेषण किया गया। आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में जिले में लगभग 1300 सड़क हादसे हुए, जिनमें 1025 लोगों की मौत हुई। उपायुक्त ने इन आंकड़ों को बेहद चिंताजनक बताते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।
हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग पर विशेष निगरानी
उपायुक्त ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने, गलत दिशा में वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने तथा मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वालों के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
मई में 1300 से अधिक चालान, 21 लाख से ज्यादा जुर्माना वसूला गया
बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। मई माह में कुल 1301 चालान काटे गए और 21.71 लाख रुपये से अधिक की राशि जुर्माने के रूप में वसूली गई। हेलमेट नहीं पहनने के मामलों में सबसे अधिक 476 चालान जारी किए गए।
पांकी और लेस्लीगंज में विशेष उपाय की मांग
बैठक के दौरान सांसद प्रतिनिधि ने पांकी एवं लेस्लीगंज क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया और वहां विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की। बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी समेत सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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