मेदिनीनगर: पलामू के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित कर जिले में संचालित विभिन्न ऑनलाइन एवं डिजिटल सेवाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही डिजिटल सुविधाओं की स्थिति तथा उनके प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की कार्यप्रणाली, पंचायत भवनों में संचालित सीएससी, आधार नामांकन एवं अद्यतन सेवाएं, झारनेट कनेक्टिविटी, एईबीएएस प्रणाली, ई-ग्रंथालय, झारसेवा के माध्यम से जारी किए जा रहे प्रमाण पत्र तथा विवाह निबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी डिजिटल सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, तकनीकी एवं नेटवर्क संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान तथा आधार सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में मनातू बीआरसी में आधार ऑपरेटर की अनुपस्थिति का मामला सामने आने पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही जिला शिक्षा अधीक्षक को सभी बीआरसी में कम से कम दो-दो आधार ऑपरेटरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा मास्टर सोबरन मांझी जिला पुस्तकालय को मॉडल लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने के लिए चल रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। पुस्तकालय में बेहतर बिजली व्यवस्था एवं सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रणवीर सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार सहित जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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