उपायुक्त के निर्देश पर जेएसएलपीएस की जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) अनीता केरकेट्टा के नेतृत्व में परिवार को मुर्गी पालन के लिए शेड उपलब्ध कराया गया तथा देशी नस्ल की मुर्गियां प्रदान की गईं। इस योजना के माध्यम से परिवार अब अंडा उत्पादन कर नियमित आय अर्जित कर सकेगा। साथ ही घरेलू पोषण की जरूरतें भी पूरी होंगी और अतिरिक्त अंडों की बिक्री से आय में वृद्धि होगी।
परिवार की तत्काल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जेएसएलपीएस ने किराना सामग्री भी उपलब्ध कराई, ताकि शुरुआती दौर में उन्हें आर्थिक सहयोग मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लाभुकों को स्थायी एवं सम्मानजनक आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
डीपीएम अनीता केरकेट्टा ने कहा कि दिव्यांग परिवारों को आय के स्थायी साधनों से जोड़ना जेएसएलपीएस की प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
इस पहल को सफल बनाने में बीपीएम वैभव कांत आदर्श, राजीव भारद्वाज, बीपीओ, जिला प्रबंधक (सामाजिक विकास) प्रवीण सिंह तथा जिला प्रबंधक (जीविकोपार्जन) अवकेश खलको, आशुतोष तिवारी और पिंटू कुमार गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने लाभुक परिवार को मुर्गी पालन, देखभाल और आय बढ़ाने के उपायों की भी जानकारी दी।
ग्रामीणों ने जेएसएलपीएस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता रहा, तो गांवों में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी और अन्य जरूरतमंद परिवार भी इससे प्रेरित होंगे।
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