झारखण्ड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के 12 वर्षों के शासनकाल को देश के राजनीतिक इतिहास का “काला अध्याय” करार दिया है। मेदिनीनगर में जारी प्रेस बयान में उन्होंने केंद्र सरकार पर अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हुई है, बेरोजगारी चरम पर पहुंची है तथा डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। साथ ही बढ़ती महंगाई और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
बयान में आरोप लगाया गया कि बड़े पूंजीपतियों से चंदा लेकर उनके कर्ज माफ किए गए तथा सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने भ्रष्ट नेताओं को अपने दल में शामिल कर लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
झारखण्ड क्रांति मंच के अध्यक्ष ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” का नारा केवल जनता को भ्रमित करने के लिए दिया गया था। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भाजपा सरकार के सुशासन के दावों की वास्तविकता जनता के सामने आ चुकी है।
उन्होंने चुनाव आयोग सहित अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा बिना सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लड़े, तो उसे अपनी वास्तविक जनस्थिति का पता चल जाएगा। उन्होंने दावा किया कि समाज का हर वर्ग सरकार से नाराज है और चुनावों में मिली अप्रत्याशित जीत “शाम, दाम, दंड, भेद” की राजनीति को दर्शाती है।
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