चतरा जिले में विकास कार्यों को नई रफ्तार देने की दिशा में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की शासी परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, कौशल विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी कुल 722 योजनाओं पर सहमति बनी।
बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह डीएमएफटी अध्यक्ष ने की। इस दौरान सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज करना रहा।
जिले की 153 खनन प्रभावित पंचायतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन किया गया है। ग्राम सभाओं की अनुशंसा के बाद इन योजनाओं को अंतिम रूप दिया गया, जिससे स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के जरिए गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर रहेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, विज्ञान और आईटी लैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण देने के लिए 1119 विद्यालयों में ग्रीन बोर्ड और 1133 विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना है। वहीं, 1114 स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
ग्रामीण इलाकों में पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आरओ वाटर फिल्टर, सामुदायिक भवन और सड़क निर्माण जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई है। महिला एवं बाल विकास योजनाओं के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में स्मार्ट लर्निंग उपकरण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया, ताकि छोटे बच्चों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अस्पतालों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ऑक्सीजन पाइपलाइन और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही सड़क, पुल-पुलिया और अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि दूरदराज के गांवों तक आवागमन और जरूरी सेवाओं की पहुंच आसान हो सके।
मजबूत निष्कर्ष
डीएमएफटी की इस व्यापक योजना से साफ संकेत मिलता है कि अब विकास का केंद्र केवल शहर नहीं, बल्कि खनन प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र भी होंगे। यदि योजनाएं तय समय पर धरातल पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में चतरा जिले की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
0 टिप्पणियाँ