मेदिनीनगर। पलामू जिले के हरिहरगंज एवं पिपरा प्रखंड क्षेत्रों में श्रम विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जांच एवं छापेमारी अभियान में 8 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। अभियान का नेतृत्व श्रम अधीक्षक अमित कुमार चौधरी ने किया।
जानकारी के अनुसार बच्चों से होटल एवं ढाबों में वेटर का कार्य, प्लेट उठाने तथा साफ-सफाई जैसे काम कराए जा रहे थे। मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र 8 वर्ष से 13.5 वर्ष के बीच बतायी गयी है।
श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में नियोजकों के विरुद्ध 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा अथवा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले संचालकों के विरुद्ध हरिहरगंज एवं पिपरा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। साथ ही मुक्त कराए गए बच्चों के विद्यालय में नामांकन एवं उनके परिवार के पुनर्वास की कार्रवाई भी की जाएगी।
अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हरिहरगंज, हुसैनाबाद एवं सदर-मेदिनीनगर, जिला समन्वयक अग्रगति पलामू तथा अन्य कर्मी मौजूद थे।
0 टिप्पणियाँ