मेदिनीनगर, पलामू सांसद विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में रविवार को समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (डीडीसीएमसी) "दिशा" की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, अनुपालन प्रतिवेदन तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के प्रारंभ में सांसद ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पलामू को आकांक्षी जिला से सैचुरेटेड जिला बनाने के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत अनुपालन प्रतिवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि कई विभागों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप एवं अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिवेदन को सटीक, अद्यतन एवं तथ्यपरक बनाने का निर्देश दिया।
सांसद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति ने विभिन्न योजनाओं की जांच रिपोर्ट सौंपी है। जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में उपायुक्त को आवश्यक अनुश्रवण एवं समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा मुद्रा योजना की समीक्षा के दौरान उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केवल लाभुकों का पंजीकरण ही नहीं, बल्कि उन्हें योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही कुछ सड़कों में अनियमितता की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि आम नागरिक खराब निर्माण कार्य की तस्वीरें भारत सरकार के मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं तथा उसकी स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं।
धान भुगतान में देरी पर सख्त निर्देश
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान धान अधिप्राप्ति और किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सांसद ने स्पष्ट कहा कि किसानों को उनके धान का भुगतान समय पर मिलना चाहिए। यदि भुगतान में लापरवाही पाई जाती है तो दोषी पैक्स अनुज्ञप्तिधारियों का लाइसेंस रद्द करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पीएम जनमन योजना की समीक्षा के दौरान सांसद ने कहा कि कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि चयनित लाभुकों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि चयनित लाभुकों के भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए।
बिजली, परिवहन और शिक्षा विभाग को निर्देश
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद ने पाया कि कई मामलों में वास्तविक दोषी के बजाय मकान मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्रवाई वास्तविक दोषी व्यक्ति पर ही की जाए।
परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और नो-एंट्री उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि एक ही मामले की बार-बार जांच कर उसे अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है।
कुमहवा विद्यालय और गोरियाडीह में पेयजल समस्या पर चर्चा
पाटन प्रखंड के कुमहवा उत्क्रमित मध्य विद्यालय को पुनः संचालित करने का मामला भी बैठक में उठा। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड शिक्षा समिति की रिपोर्ट लंबित होने के कारण विद्यालय को दोबारा नहीं खोला जा सका है। इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 10 जून को स्वयं शिक्षा समिति की बैठक कराने का निर्देश दिया।
लोहरा पंचायत के गोरियाडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पेयजल संकट का मामला उठने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल डीप बोरिंग कराने का निर्देश दिया गया।
भवन निर्माण विभाग एवं झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर सांसद ने नाराजगी जताई। बालक एवं बालिका छात्रावास निर्माण कार्य बिना जनप्रतिनिधियों की जानकारी और शिलान्यास के शुरू किए जाने पर भी आपत्ति दर्ज की गई। संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की जानकारी नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बिजली संकट से राहत के लिए 50 मेगावाट ट्रांसफॉर्मर
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में 50 मेगावाट क्षमता का नया पावर ट्रांसफॉर्मर सितंबर 2026 तक स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके चालू होने के बाद जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
लाभुक सूची जनप्रतिनिधियों को देने का निर्देश
कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं गव्य विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि सभी योजनाओं की लाभुक सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही किसी भी योजना का लाभ देने से पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित किया जाए।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी परियोजना को शुरू करने से पहले उसकी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं समयबद्धता का मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने निर्माण कार्यों के दौरान नियमित निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
बैठक में डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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