दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बुधवार को “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” कार्यक्रम के तहत चलाए जाने वाले राज्यव्यापी माहवारी स्वच्छता जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की। यह अभियान 28 मई से 4 जून 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा।
बैठक एनआईसी सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें सभी बीडीओ एवं प्रखंड वाश समन्वयक जुड़े। वहीं सभागार में जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता तथा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त श्री शेखावत ने कहा कि माहवारी स्वच्छता दिवस केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में केवल 52 प्रतिशत किशोरियां एवं महिलाएं ही सैनिटरी नैपकिन का उपयोग करती हैं, जो चिंता का विषय है। ऐसे में समाज में जागरूकता बढ़ाकर इस स्थिति में सुधार लाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, शिक्षा और सुरक्षित जीवन से भी सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में पंचायत एवं समुदाय स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया।
अभियान के तहत किशोरियों एवं महिलाओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ माहवारी प्रबंधन, सैनिटरी नैपकिन के उपयोग और उसके सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों एवं झिझक को दूर करने के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार अभी भी बड़ी संख्या में महिलाएं असुरक्षित साधनों का उपयोग करती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पंचायत एवं समुदाय स्तर पर छोटे समूहों में बैठक, प्रभातफेरी, शपथ ग्रहण, रेड डॉट चैलेंज, जागरूकता रैली तथा स्वच्छता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा स्वयं सहायता समूह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
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