एमके कॉलेज के छात्रों को बड़ी राहत, आंदोलन और जनदबाव के बाद झारखंड अधिविद्य परिषद ने लिया फैसला
पलामू जिले के मजदूर किसान इंटर महाविद्यालय (एमके कॉलेज) के उन छात्रों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है, जो रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण परीक्षा से वंचित हो गए थे। झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC), रांची ने 27 मई को अधिसूचना जारी कर ऐसे छात्रों के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
जारी नोटिस के अनुसार, सत्र 2025-27 के जिन छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया था, वे अब 1 जून से 12 जून तक बिना विलंब शुल्क के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि परीक्षा तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है।
इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से छात्र अपने भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे थे। कई बार सड़क जाम, धरना और विरोध प्रदर्शन भी किए गए। छात्र संगठनों ने लगातार इस मुद्दे को उठाया और प्रशासन तक छात्रों की आवाज पहुंचाई।
इस पूरे मामले में जनसंवाद न्यूज ने भी लगातार खबरों और ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विगत दिनों पांकी पहुंचीं जैक सदस्य सुशीला मिश्रा से जनसंवाद न्यूज ने इस विषय पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि छात्रों की परीक्षा निश्चित रूप से होगी और जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। अब परिषद द्वारा नोटिस जारी होने के बाद छात्रों में उम्मीद और विश्वास और मजबूत हुआ है।
वहीं पांकी की भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने भी इस मुद्दे को लगातार उठाया। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया था। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने का असर अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
छात्र संगठन आयशा (AISA) ने इस फैसले को “छात्र संघर्ष की जीत” बताया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह उन तमाम छात्रों की एकजुट लड़ाई का परिणाम है, जिन्होंने अपने भविष्य के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक आवाज बुलंद की। संगठन ने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन को अंततः छात्रों की मांगों के आगे सकारात्मक निर्णय लेना पड़ा।
आयशा संगठन ने सीपीआई(एमएल) माले के विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया। संगठन के अनुसार, विधायकों ने JAC अधिकारियों और प्रशासन से मुलाकात कर छात्रों के पक्ष में हस्तक्षेप किया, जिसके बाद परिषद ने नोटिस जारी किया।
छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा तिथि की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होना ही छात्रों के लिए सबसे बड़ी राहत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही परीक्षा कार्यक्रम भी जारी किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित किया है कि जब छात्र, अभिभावक, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि और मीडिया एक साथ किसी मुद्दे को मजबूती से उठाते हैं, तो व्यवस्था को फैसला लेना पड़ता है। फिलहाल एमके कॉलेज के छात्रों के चेहरे पर राहत है और उन्हें अब अपने भविष्य को लेकर नई उम्मीद दिखाई दे रही है।
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