मेदिनीनगर। उपायुक्त-सह-जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के अध्यक्ष दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित ई-गवर्नेंस सेवाओं, डिजिटल परियोजनाओं और ऑनलाइन नागरिक सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जिले में 2,261 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,992 सक्रिय हैं। वहीं पंचायत भवनों में संचालित 265 सक्रिय सीएससी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले के सभी 21 प्रखंडों में आधार नामांकन केंद्र (PEC) संचालित हैं। इसके अलावा 20 बीआरसी आधार किट एवं 14 सीएससी आधारित आधार सेवा केंद्रों के जरिए आधार नामांकन और अद्यतन का कार्य किया जा रहा है।
झारनेट नेटवर्क की समीक्षा में बताया गया कि अधिकांश प्रखंडों में सेवा सामान्य रूप से संचालित है, जबकि पिपरा एवं उंटारी रोड प्रखंड में बिजली आपूर्ति की समस्या के कारण नेटवर्क बाधित है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समस्या दूर कर सेवा बहाल करने के निर्देश दिए।
बैठक में आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS), ई-ग्रंथालय, झारसेवा पोर्टल तथा अन्य डिजिटल सेवाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने झारसेवा के अंतर्गत लंबित प्रमाण-पत्रों एवं विवाह निबंधन आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि ई-गवर्नेंस का उद्देश्य आम लोगों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए डिजिटल सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने पर बल दिया।
बैठक में सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रणबीर सिंह, एडीआईओ प्रगति, सिविल सर्जन डॉ. अनिल, डीईओ, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पंकज पांडेय, यूआईडी के डीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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